केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित विवाद ने नया मोड़ लिया है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में 9 ज…
बस्तर केसरी न्यूज़ | लाइव अपडेट्स
सुप्रीम कोर्ट में आज सबरीमाला मंदिर प्रवेश मामले की सुनवाई जारी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने महिलाओं के अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी महिला को कुछ दिनों के लिए “अछूत” नहीं माना जा सकता।
यह मामला केरल के सबरीमाला मंदिर में मासिक धर्म की आयु की महिलाओं के प्रवेश पर लगी पारंपरिक पाबंदी से जुड़ा है। यह मुद्दा लंबे समय से धार्मिक आस्था और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर चर्चा में बना हुआ है।
आज की सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि किसी भी परंपरा को समानता और गरिमा के आधार पर परखा जाना चाहिए। न्यायाधीशों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसी धार्मिक प्रथा के नाम पर महिलाओं के मौलिक अधिकारों को सीमित किया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने अपने-अपने तर्क रखे। एक पक्ष ने सदियों पुरानी परंपराओं का समर्थन किया, जबकि दूसरे पक्ष ने महिलाओं के समान अधिकार और भेदभाव खत्म करने की बात कही।
गौरतलब है कि साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी थी। हालांकि, इस फैसले के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और इसके बाद कई पुनर्विचार याचिकाएं दायर की गईं।
फिलहाल सुनवाई जारी है और सुप्रीम कोर्ट की आगे की टिप्पणियों पर सभी की नजर बनी हुई है। इस मामले का फैसला देश में धर्म और समानता के मुद्दे पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है।







