सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि हिंदुओं को वोट देने के लिए धमकाने वाले TMC कार्यकर्ता की पिटाई की गई।

लेकिन जब इस दावे की जांच की गई, तो मामला कुछ और ही निकला।
⚡ क्या है वायरल दावा?
सोशल मीडिया पोस्ट्स में कहा गया:
- वीडियो West Bengal का है
- इसमें All India Trinamool Congress (TMC) का कार्यकर्ता दिख रहा है
- वह कथित तौर पर हिंदुओं को धमका रहा था
- इसी वजह से लोगों ने उसकी पिटाई कर दी
👉 यह दावा तेजी से वायरल हुआ और लोगों में भ्रम फैल गया।
🔎 जांच में क्या सामने आया?
फैक्ट चेक में पाया गया कि:
- यह वीडियो West Bengal का नहीं है
- इसका TMC या चुनावी धमकी से कोई संबंध नहीं है
- असल में यह वीडियो Varanasi का है
👉 यानी वायरल दावा पूरी तरह भ्रामक (Misleading) है।
📍 असली घटना क्या थी?
जांच के मुताबिक:
- वीडियो Varanasi में हुए एक विरोध/झड़प का है
- यह घटना Agnipath Scheme protests से जुड़ी बताई गई
- इसमें स्थानीय लोगों और कुछ युवाओं के बीच विवाद हुआ था
👉 इसका किसी राजनीतिक दल या धार्मिक धमकी से सीधा संबंध नहीं है।
⚠️ कैसे फैलती हैं ऐसी फेक खबरें?
- पुराने वीडियो को नए दावे के साथ शेयर करना
- राजनीतिक या धार्मिक एंगल जोड़ना
- लोगों की भावनाओं को भड़काना
👉 यही वजह है कि ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हो जाते हैं।
🧠 क्यों जरूरी है फैक्ट चेक?
- गलत जानकारी से समाज में तनाव बढ़ सकता है
- चुनाव के समय अफवाहें ज्यादा खतरनाक होती हैं
- लोगों को सही जानकारी मिलना जरूरी है
📢 आप क्या करें?
- किसी भी वायरल वीडियो पर तुरंत भरोसा न करें
- विश्वसनीय स्रोत से जांच करें
- बिना पुष्टि के शेयर करने से बचें
🔚 निष्कर्ष
West Bengal और All India Trinamool Congress से जोड़कर वायरल किया गया यह वीडियो
👉 पूरी तरह भ्रामक निकला
असल में यह Varanasi की एक अलग घटना है, जिसका चुनाव या धार्मिक धमकी से कोई लेना-देना नहीं है।
👉 इसलिए सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज सच नहीं होती —
सच जानने के लिए फैक्ट चेक जरूरी है।
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