|| बस्तर में नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी हेतु हर महीने होगी महापरीक्षा ||
03 Aug 2026 • Admin • 👁 6,386 Views
•••1526 प्राथमिक स्कूलों के 9,120 बच्चों ने दी पहली मॉक टेस्ट••• •••कलेक्टर श्री आकाश छिकारा की बच्चों की तैयारी को प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने दूरदर्शी पहल•••
जगदलपुर:- बस्तर जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को नया आयाम देने और नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में ग्रामीण व वनांचल क्षेत्र के बच्चों की शत-प्रतिशत सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग ने एक अभूतपूर्व रणनीति तैयार की है। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं समग्र शिक्षा के जिला परियोजना कार्यालय के तत्वावधान में शनिवार 01अगस्त को बस्तर जिले के 1526 से अधिक प्राथमिक स्कूलों के कक्षा 5वीं के बच्चों के लिए जिला स्तरीय ओएमआर शीट आधारित 'महापरीक्षा' (प्रथम चरण मॉक टेस्ट) का आयोजन किया गया। इस महाअभियान की सबसे खास बात यह है कि मुख्य नवोदय प्रवेश परीक्षा आयोजित होने तक अब यह 'महापरीक्षा' जिले में हर महीने निरंतर आयोजित की जाएगी, ताकि बच्चों की तैयारी में कोई कमी न रहे और उनका अभ्यास व आत्मविश्वास लगातार बढ़ता रहे।
कलेक्टर श्री आकाश छिकारा की इस संवेदनशील पहल से उत्साहित जिले के सातों विकासखंडों के 9,120 विद्यार्थियों ने शनिवार को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक आयोजित परीक्षा में अपनी उत्साहपूर्वक उपस्थिति दर्ज कराई। जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल ने इस बारे में बताया कि उक्त परीक्षा में विकासखंड बस्तर से सर्वाधिक 2364, बकावंड से 1670, जगदलपुर से 1356, लोहंडीगुड़ा से 1152, तोकापाल से 1004, दरभा से 850 तथा बास्तानार से 724 बच्चों ने एक ही पाली में ओएमआर शीट पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। परीक्षा से पूर्व बच्चों के शंकाओं को दूर करने के लिए शालाओं में पिछले 10 वर्षों के नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के प्रश्नों का गहन अभ्यास कराया गया था। डिजिटल स्कैनिंग से होने वाले निष्पक्ष मूल्यांकन के बाद प्रत्येक विकासखंड से टॉप 100 बच्चों का चयन कर पूरे बस्तर जिले के 700 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को चिन्हित किया जाएगा। इन होनहार बच्चों की तैयारी को अद्यतन और परिणामोन्मुख बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा उन्हें निःशुल्क प्रैक्टिस किताबें प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही हर महीने आयोजित होने वाले इस विशेष मॉक टेस्ट के माध्यम से इन 700 बच्चों सहित जिले के सभी विद्यार्थियों की दक्षता और मनोबल को मुख्य परीक्षा तक लगातार परखा और निखारा जाता रहेगा।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को प्रतियोगी माहौल में बेहतर प्रदर्शन के लिए समयबद्ध और व्यवस्थित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के पाठ्यक्रम के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता को विकसित करने के लिए नियमित अभ्यास, मॉडल प्रश्नपत्र, साप्ताहिक टेस्ट तथा विषय विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन की व्यवस्था की जाएगी।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बच्चों की तैयारी का नियमित मूल्यांकन किया जाए तथा कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देकर उनकी शंकाओं का समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थियों का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय में हो, इसके लिए शिक्षा विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करे।
जिले में कलेक्टर की इस अभिनव पहल से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में जिले के अधिकाधिक बच्चों के चयन होने की उम्मीद है।
कलेक्टर श्री आकाश छिकारा की इस संवेदनशील पहल से उत्साहित जिले के सातों विकासखंडों के 9,120 विद्यार्थियों ने शनिवार को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक आयोजित परीक्षा में अपनी उत्साहपूर्वक उपस्थिति दर्ज कराई। जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल ने इस बारे में बताया कि उक्त परीक्षा में विकासखंड बस्तर से सर्वाधिक 2364, बकावंड से 1670, जगदलपुर से 1356, लोहंडीगुड़ा से 1152, तोकापाल से 1004, दरभा से 850 तथा बास्तानार से 724 बच्चों ने एक ही पाली में ओएमआर शीट पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। परीक्षा से पूर्व बच्चों के शंकाओं को दूर करने के लिए शालाओं में पिछले 10 वर्षों के नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के प्रश्नों का गहन अभ्यास कराया गया था। डिजिटल स्कैनिंग से होने वाले निष्पक्ष मूल्यांकन के बाद प्रत्येक विकासखंड से टॉप 100 बच्चों का चयन कर पूरे बस्तर जिले के 700 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को चिन्हित किया जाएगा। इन होनहार बच्चों की तैयारी को अद्यतन और परिणामोन्मुख बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा उन्हें निःशुल्क प्रैक्टिस किताबें प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही हर महीने आयोजित होने वाले इस विशेष मॉक टेस्ट के माध्यम से इन 700 बच्चों सहित जिले के सभी विद्यार्थियों की दक्षता और मनोबल को मुख्य परीक्षा तक लगातार परखा और निखारा जाता रहेगा।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को प्रतियोगी माहौल में बेहतर प्रदर्शन के लिए समयबद्ध और व्यवस्थित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के पाठ्यक्रम के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता को विकसित करने के लिए नियमित अभ्यास, मॉडल प्रश्नपत्र, साप्ताहिक टेस्ट तथा विषय विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन की व्यवस्था की जाएगी।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बच्चों की तैयारी का नियमित मूल्यांकन किया जाए तथा कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देकर उनकी शंकाओं का समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थियों का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय में हो, इसके लिए शिक्षा विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करे।
जिले में कलेक्टर की इस अभिनव पहल से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में जिले के अधिकाधिक बच्चों के चयन होने की उम्मीद है।