सीएमएचओ डॉ. संजय बसाक ने किया बस्तर के स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं पर दिया जोर
04 Jul 2026 • Admin • 👁 8,480 Views
अधिकारी डॉ. सी. मैत्री द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानगुर, तोकापाल एवं दरभा का सघन निरीक्षण किया
जगदलपुर, 4 जुलाई 2026/ बस्तर जिले के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक एवं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानगुर, तोकापाल एवं दरभा का सघन निरीक्षण किया गया। इस औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि आमजन को बेहतर और समयबद्ध इलाज देना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पतालों के ओपीडी, आईपीडी और पोषण पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर अस्पताल में मिल रहे उपचार व उपलब्ध सुविधाओं का सीधा फीडबैक लिया। व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए अधिकारियों ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को २४ घंटे मुस्तैद रहने, समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही वर्तमान मौसम को देखते हुए मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों के प्रति विशेष सतर्कता बरतने और जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के लिए भी कहा गया।
राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने कोल्ड चेन प्वाइंट का भी बारीकी से मुआयना किया, जहाँ उन्होंने टीकों के सुरक्षित भंडारण, तापमान के रखरखाव और रिकॉर्ड्स की जांच करते हुए सभी मानकों का शत-प्रतिशत पालन करने को कहा। इसी क्रम में उन्होंने एचपीवी वैक्सीन के अधिकतम कवरेज पर विशेष बल दिया और बताया कि यह वैक्सीन किशोरियों को सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में अत्यंत प्रभावी है, इसलिए पात्र हितग्राहियों का अधिक से अधिक टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग की इस मुहिम में राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रगति पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने स्वास्थ्य केंद्रों में 'निश्चय निरामय' पोर्टल पर समयबद्ध और शत-प्रतिशत डेटा एंट्री सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि टीबी (क्षय रोग) के संभावित मरीजों की अधिक से अधिक एक्स-रे जांच कर समय पर उनकी पहचान और इलाज शुरू किया जा सके। इसके उपरांत अधिकारियों का काफिला आयुष्मान आरोग्य मंदिर (तीरथगढ़) एवं आंगनबाड़ी केंद्र (छिंदावाड़ा) पहुंचा, जहाँ उन्होंने मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण गतिविधियों की जमीनी हकीकत परखी। अंत में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने स्पष्ट किया कि जिले के हर नागरिक को प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले, इसके लिए नियमित निरीक्षण और सतत मॉनिटरिंग का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पतालों के ओपीडी, आईपीडी और पोषण पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात कर अस्पताल में मिल रहे उपचार व उपलब्ध सुविधाओं का सीधा फीडबैक लिया। व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए अधिकारियों ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को २४ घंटे मुस्तैद रहने, समय पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही वर्तमान मौसम को देखते हुए मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों के प्रति विशेष सतर्कता बरतने और जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के लिए भी कहा गया।
राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने कोल्ड चेन प्वाइंट का भी बारीकी से मुआयना किया, जहाँ उन्होंने टीकों के सुरक्षित भंडारण, तापमान के रखरखाव और रिकॉर्ड्स की जांच करते हुए सभी मानकों का शत-प्रतिशत पालन करने को कहा। इसी क्रम में उन्होंने एचपीवी वैक्सीन के अधिकतम कवरेज पर विशेष बल दिया और बताया कि यह वैक्सीन किशोरियों को सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में अत्यंत प्रभावी है, इसलिए पात्र हितग्राहियों का अधिक से अधिक टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग की इस मुहिम में राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रगति पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने स्वास्थ्य केंद्रों में 'निश्चय निरामय' पोर्टल पर समयबद्ध और शत-प्रतिशत डेटा एंट्री सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि टीबी (क्षय रोग) के संभावित मरीजों की अधिक से अधिक एक्स-रे जांच कर समय पर उनकी पहचान और इलाज शुरू किया जा सके। इसके उपरांत अधिकारियों का काफिला आयुष्मान आरोग्य मंदिर (तीरथगढ़) एवं आंगनबाड़ी केंद्र (छिंदावाड़ा) पहुंचा, जहाँ उन्होंने मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण गतिविधियों की जमीनी हकीकत परखी। अंत में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने स्पष्ट किया कि जिले के हर नागरिक को प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले, इसके लिए नियमित निरीक्षण और सतत मॉनिटरिंग का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा।