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32 सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को कलेक्टर ने शॉल, श्रीफल और पीपीओ सौंपकर किया सम्मानित

05 Jul 2026 • Admin • 👁 7,605 Views

32 सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को कलेक्टर ने शॉल, श्रीफल और पीपीओ सौंपकर किया सम्मानित

कलेक्टर ने विदाई समारोह में शासकीय सेवकों को सराहा

32 सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को कलेक्टर ने शॉल, श्रीफल और पीपीओ सौंपकर किया सम्मानित*

कलेक्टर ने विदाई समारोह में शासकीय सेवकों को सराहा


जगदलपुर, 2 जुलाई 2026/ शासकीय सेवा में 30 से 40 वर्षों तक निष्ठापूर्वक कार्य करना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और सेवानिवृत्ति जीवन का अंत नहीं, बल्कि अपनी अधूरी रह गई इच्छाओं और प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए एक शानदार 'सेकंड इनिंग्स' यानी दूसरी पारी की शुरुआत है। यह प्रेरक विचार कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने गुरुवार को कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय विदाई व सम्मान समारोह के दौरान व्यक्त किए। इस विशेष अवसर पर कलेक्टर ने जिले के 32 सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया और उनके हाथों में पेंशन भुगतान आदेश सौंपा। इस गौरवपूर्ण कार्यक्रम में वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री अनिल कुमार पाठक सहित कोषालय के अधिकारी-कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मियों के परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
​अपने आत्मीय संबोधन में कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों के अमूल्य योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शासकीय सेवा के दौरान अत्यधिक व्यस्तता के कारण अक्सर लोग अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाते हैं। अब समय आ गया है कि इस दूसरी पारी में आप अपने जीवनसाथी, बच्चों और नाती-पोतों के साथ भरपूर और खुशनुमा समय बिताएं। उन्होंने शासकीय सेवकों के भीतर छिपी बहुमुखी प्रतिभा का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे कर्मियों में अद्भुत टैलेंट होता है, कोई गाने का शौक रखता है तो कोई बेहतरीन लेखक या खिलाड़ी होता है; नौकरी के दौरान जो शौक पीछे छूट गए थे, अब उन्हें खुलकर जीने का सही समय है।
​कलेक्टर ने सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को अनुभव का चलता-फिरता ज्ञान भंडार बताते हुए कहा कि आपने प्रशासन को पूरी तरह बदलते देखा है, जहाँ कभी हाथ से लिखने और टाइपराइटर का दौर था, वहीं से आज कंप्यूटर, 'ई-ऑफिस' और एआई का युग आ गया है। उन्होंने अनुरोध किया कि भले ही आप आधिकारिक रूप से शासकीय सेवक नहीं रहे, लेकिन समाज के एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने जूनियर्स को तकनीकी मार्गदर्शन देते रहें और आम जनता को शासकीय प्रक्रियाओं को समझने में मदद करें क्योंकि समाज को हमेशा अच्छे नागरिकों की आवश्यकता रहती है।
​उन्होंने आगे कहा कि तीन-चार दशक की लंबी नौकरी के बाद सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त होना आज के समय में बहुत गर्व की बात है। उन्होंने सभी कर्मियों को आश्वस्त किया कि वे कल भी प्रशासनिक परिवार का हिस्सा थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे, तथा उनकी किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन के दरवाजे हमेशा खुले हैं। समारोह में जब सेवानिवृत्त कर्मियों को उनके परिजनों की मौजूदगी में सम्मानित किया गया, तो माहौल बेहद भावुक और यादगार हो गया, जहाँ कलेक्टर ने सभी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखद भविष्य की कामना की।

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