बैलाडीला ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव आते ही सक्रिय होते हैं दर्जनों ‘हितैषी’, जीत के बाद घोषणाएं क्यों हो जाती हैं गुम?
📅 02 Sep 2026, 03:53 AM
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संवाददाता =नरेंद्र चौधरी
स्लग: ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन चुनाव घोषणा पत्र पदाधिकारियों का सिर्फ चुनावी ‘झुनझुना’? सदस्यों के बीच उठ रहे सवाल
दंतेवाड़ा। बैलाडीला ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन (B.T.O.A.) के वार्षिक चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही संभावित प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की सक्रियता भी बढ़ने लगी है। चुनाव मैदान में उतरने वाले दावेदार ट्रक मालिकों के हित में कई तरह के वादे और घोषणाएं कर रहे हैं। लेकिन इसी बीच एसोसिएशन के सदस्यों के बीच यह सवाल भी चर्चा में है कि चुनाव के दौरान किए जाने वाले वादे जीत के बाद कितने पूरे होते हैं?
हर चुनाव में ट्रक मालिकों के हितैषी बनकर कई दावेदार सामने आते हैं। कोई भाड़ा बढ़ाने की बात करता है, तो कोई पार्किंग व्यवस्था में सुधार का दावा करता है। कुछ प्रत्याशी स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को प्राथमिकता दिलाने, एसोसिएशन में पारदर्शिता बढ़ाने और सदस्यों के हितों की रक्षा करने का भरोसा देते हैं।
हालांकि, सदस्यों के बीच यह चर्चा भी है कि पिछले चुनावों में किए गए कई वादे पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर सके और समय के साथ कुछ घोषणाएं ठंडे बस्ते में चली गईं। ऐसे में इस बार सदस्य केवल घोषणाओं के बजाय प्रत्याशियों की ठोस कार्ययोजना और पिछले कार्यों का हिसाब भी देखना चाहते हैं।
वहीं चुनाव हारने वाले प्रत्याशियों की भूमिका को लेकर भी सदस्यों के बीच चर्चा है। आरोप लगते रहे हैं कि चुनाव के दौरान सक्रिय रहने वाले कई लोग परिणाम के बाद एसोसिएशन की गतिविधियों से दूर हो जाते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि चुनावी मौसम में नजर आने वाले ‘हितैषी’ चुनाव के बाद भी ट्रक मालिकों के मुद्दों को लेकर उतने ही सक्रिय रहेंगे या नहीं।
20 सितंबर को होगा मतदान
जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन प्रक्रिया 8 और 9 सितंबर 2026 को होगी। नाम वापसी की अंतिम तारीख 11 सितंबर है। स्क्रूटनी 12 सितंबर को होगी और इसी दिन चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।
20 सितंबर 2026 को सुबह 7:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद शाम 4:30 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी।
अब देखना दिलचस्प होगा कि इस बार चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशी केवल वादों और घोषणाओं तक सीमित रहते हैं या ट्रक मालिकों के सामने समयबद्ध और स्पष्ट कार्ययोजना भी रखते हैं। इस बार सदस्यों की निगाहें घोषणा पत्र से ज्यादा इस बात पर होंगी कि चुनाव जीतने के बाद कौन कितना और क्या काम करता है।
क्योंकि सवाल सिर्फ वोट का नहीं, बल्कि उन वादों का भी है जो हर चुनाव में ट्रक मालिकों के सामने रखे जाते हैं।
दंतेवाड़ा। बैलाडीला ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन (B.T.O.A.) के वार्षिक चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही संभावित प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की सक्रियता भी बढ़ने लगी है। चुनाव मैदान में उतरने वाले दावेदार ट्रक मालिकों के हित में कई तरह के वादे और घोषणाएं कर रहे हैं। लेकिन इसी बीच एसोसिएशन के सदस्यों के बीच यह सवाल भी चर्चा में है कि चुनाव के दौरान किए जाने वाले वादे जीत के बाद कितने पूरे होते हैं?
हर चुनाव में ट्रक मालिकों के हितैषी बनकर कई दावेदार सामने आते हैं। कोई भाड़ा बढ़ाने की बात करता है, तो कोई पार्किंग व्यवस्था में सुधार का दावा करता है। कुछ प्रत्याशी स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को प्राथमिकता दिलाने, एसोसिएशन में पारदर्शिता बढ़ाने और सदस्यों के हितों की रक्षा करने का भरोसा देते हैं।
हालांकि, सदस्यों के बीच यह चर्चा भी है कि पिछले चुनावों में किए गए कई वादे पूरी तरह जमीन पर नहीं उतर सके और समय के साथ कुछ घोषणाएं ठंडे बस्ते में चली गईं। ऐसे में इस बार सदस्य केवल घोषणाओं के बजाय प्रत्याशियों की ठोस कार्ययोजना और पिछले कार्यों का हिसाब भी देखना चाहते हैं।
वहीं चुनाव हारने वाले प्रत्याशियों की भूमिका को लेकर भी सदस्यों के बीच चर्चा है। आरोप लगते रहे हैं कि चुनाव के दौरान सक्रिय रहने वाले कई लोग परिणाम के बाद एसोसिएशन की गतिविधियों से दूर हो जाते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि चुनावी मौसम में नजर आने वाले ‘हितैषी’ चुनाव के बाद भी ट्रक मालिकों के मुद्दों को लेकर उतने ही सक्रिय रहेंगे या नहीं।
20 सितंबर को होगा मतदान
जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन प्रक्रिया 8 और 9 सितंबर 2026 को होगी। नाम वापसी की अंतिम तारीख 11 सितंबर है। स्क्रूटनी 12 सितंबर को होगी और इसी दिन चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।
20 सितंबर 2026 को सुबह 7:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद शाम 4:30 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी।
अब देखना दिलचस्प होगा कि इस बार चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशी केवल वादों और घोषणाओं तक सीमित रहते हैं या ट्रक मालिकों के सामने समयबद्ध और स्पष्ट कार्ययोजना भी रखते हैं। इस बार सदस्यों की निगाहें घोषणा पत्र से ज्यादा इस बात पर होंगी कि चुनाव जीतने के बाद कौन कितना और क्या काम करता है।
क्योंकि सवाल सिर्फ वोट का नहीं, बल्कि उन वादों का भी है जो हर चुनाव में ट्रक मालिकों के सामने रखे जाते हैं।