|| मुख्यधारा में लौटीं पुनर्वासित महिलाओं के हाथों में तुंगल डैम की कमान ||
📅 10 Sep 2026, 01:31 PM
✍️ Admin
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•बस्तर का नया पर्यटन हब बनेगा तुंगल: वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने महिला समूहों को सौंपे पैडल बोट और टेंट,, प्रकृति, पर्यटन और पुनर्वास का अनूठा संगम: सुकमा के तुंगल ईको-टूरिज्म केंद्र से स्थानीय रोजगार को लगेंगे पंख•
सुकमा:- हिंसा और संघर्ष के अंधेरे को पीछे छोड़ शांति की राह चुनने वाली महिलाओं के जीवन में अब विकास और सम्मान का नया सवेरा हो रहा है। छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशील पुनर्वास नीति के तहत नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटीं आत्मसमर्पित महिलाओं को अब तुंगल डैम के खूबसूरत मुहाने पर आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। सुकमा प्रवास पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने "आत्मसमर्पण पुनर्वास महिला स्व-सहायता समूह" को पैडल बोट और आधुनिक टेंट की चाबी सौंपी। यह पहल केवल पर्यटन का विस्तार नहीं, बल्कि उन हाथों को सम्मानजनक आजीविका देने का संवेदनशील प्रयास है, जो कभी भटक गए थे।
तुंगल ईको-टूरिज्म केंद्र में गुरुवार को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने प्रशासन के उस मानवीय दृष्टिकोण को उजागर किया, जहां पुनर्वास का मतलब सिर्फ सहायता राशि देना नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का जरिया तैयार करना है। वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई पैडल बोट और कैंपिंग टेंट के संचालन की जिम्मेदारी पूरी तरह से इन पुनर्वासित महिलाओं के समूह को सौंपी गई है। कल तक जंगलों में अनिश्चित भविष्य से जूझने वाली ये महिलाएं अब पर्यटकों का स्वागत करेंगी और बस्तर के खूबसूरत प्राकृतिक स्वरूप को दुनिया के सामने पेश कर अपनी मेहनत से अपनी तकदीर खुद लिखेंगी।
प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि शासन का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विश्वास की राह चुनने वाली पुनर्वासित महिलाओं के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है। पर्यावरण अनुकूल ईको-टूरिज्म मॉडल न केवल तुंगल को बस्तर संभाग के प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि स्थानीय और पुनर्वासित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर स्थायी आजीविका भी प्रदान करेगा। तुंगल डैम में आगामी दिनों में बड़े कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को 'सेवा संकल्प अभियान' के जरिए सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर हर पात्र नागरिक तक त्वरित गति से पहुंचाने के निर्देश दिए।
प्रशासन की इस दूरगामी पहल से सुकमा की छवि में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां कभी असुरक्षा की चर्चाएं होती थीं, आज वहां तुंगल की वादियों में उम्मीद, सशक्तिकरण और मुस्कान तैर रही है। पर्यटकों के लिए तुंगल डैम अब केवल एक पिकनिक स्पॉट नहीं रहेगा, बल्कि यह संघर्ष से उबरकर आत्मनिर्भर बनीं महिलाओं के हौसले और प्रशासनिक संवेदनशीलता की प्रेरणादायक मिसाल के रूप में पहचाना जाएगा।
इससे पूर्व प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने सुकमा सर्किट हाउस में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में कलेक्टर श्री अमित कुमार, एसपी श्री मयंक गुर्जर, डीएफओ श्री अक्षय भोंसले, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर, राज्य महिला आयोग सदस्य सुश्री दीपिका सोरी और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे, श्री अरुण सिंह भदौरिया सहित प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। बैठक में प्रभारी मंत्री ने प्रशासन को जमीनी स्तर पर सेवा संकल्प यात्रा को प्रभावी बनाने और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक त्वरित गति से पहुंचाने के कड़े व व्यावहारिक निर्देश दिए।
तुंगल ईको-टूरिज्म केंद्र में गुरुवार को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने प्रशासन के उस मानवीय दृष्टिकोण को उजागर किया, जहां पुनर्वास का मतलब सिर्फ सहायता राशि देना नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने का जरिया तैयार करना है। वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई पैडल बोट और कैंपिंग टेंट के संचालन की जिम्मेदारी पूरी तरह से इन पुनर्वासित महिलाओं के समूह को सौंपी गई है। कल तक जंगलों में अनिश्चित भविष्य से जूझने वाली ये महिलाएं अब पर्यटकों का स्वागत करेंगी और बस्तर के खूबसूरत प्राकृतिक स्वरूप को दुनिया के सामने पेश कर अपनी मेहनत से अपनी तकदीर खुद लिखेंगी।
प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि शासन का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विश्वास की राह चुनने वाली पुनर्वासित महिलाओं के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है। पर्यावरण अनुकूल ईको-टूरिज्म मॉडल न केवल तुंगल को बस्तर संभाग के प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि स्थानीय और पुनर्वासित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर स्थायी आजीविका भी प्रदान करेगा। तुंगल डैम में आगामी दिनों में बड़े कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को 'सेवा संकल्प अभियान' के जरिए सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर हर पात्र नागरिक तक त्वरित गति से पहुंचाने के निर्देश दिए।
प्रशासन की इस दूरगामी पहल से सुकमा की छवि में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां कभी असुरक्षा की चर्चाएं होती थीं, आज वहां तुंगल की वादियों में उम्मीद, सशक्तिकरण और मुस्कान तैर रही है। पर्यटकों के लिए तुंगल डैम अब केवल एक पिकनिक स्पॉट नहीं रहेगा, बल्कि यह संघर्ष से उबरकर आत्मनिर्भर बनीं महिलाओं के हौसले और प्रशासनिक संवेदनशीलता की प्रेरणादायक मिसाल के रूप में पहचाना जाएगा।
इससे पूर्व प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने सुकमा सर्किट हाउस में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में कलेक्टर श्री अमित कुमार, एसपी श्री मयंक गुर्जर, डीएफओ श्री अक्षय भोंसले, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर, राज्य महिला आयोग सदस्य सुश्री दीपिका सोरी और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे, श्री अरुण सिंह भदौरिया सहित प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। बैठक में प्रभारी मंत्री ने प्रशासन को जमीनी स्तर पर सेवा संकल्प यात्रा को प्रभावी बनाने और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक त्वरित गति से पहुंचाने के कड़े व व्यावहारिक निर्देश दिए।