रविदास मंदिर में कलश स्थापना वाराणसी से लाए कलश की संत रविदास मंदिर में हुई स्थापना अहिरवार समाज ने मंदिर के जीर्णोद्धार और नए मंदिर के लिए भूमि की मांग रखी
📅 12 Sep 2026, 02:48 PM
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संवाददाता = नरेंद्र चौधरी
बचेली। अहिरवार समाज बचेली द्वारा पुलिस लाइन के पीछे स्थित संत शिरोमणि संत रविदास जी के मंदिर में शनिवार को धार्मिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर वाराणसी से विशेष रूप से लाए गए कलश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में स्थापना की गई। कलश स्थापना कार्यक्रम में समाज के लोगों के साथ क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
कार्यक्रम में ओजस्वी मंडावी, नंदलाल मुड़ामी, नगर पालिका अध्यक्ष राजू जायसवाल, संतोष गुप्ता सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं अहिरवार समाज के लोग मौजूद रहे। इस दौरान संत रविदास जी की पूजा-अर्चना की गई और समाज के लोगों ने धार्मिक आयोजन में भाग लेकर अपनी आस्था व्यक्त की।
वाराणसी से लाए गए कलश की स्थापना को लेकर समाज के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। समाज के लोगों ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी के विचार समाज को समानता, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश देते हैं। ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भी संत रविदास जी के विचारों और उनके योगदान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग
अहिरवार समाज द्वारा बचेली स्थित संत रविदास मंदिर के विकास को लेकर पहले भी पहल की गई है। समाज के लोगों ने सांसद महेश कश्यप को लिखित आवेदन सौंपकर वर्तमान मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग की थी। समाज की ओर से मंदिर परिसर के विकास एवं आवश्यक सुविधाओं को बेहतर करने की मांग आवेदन के माध्यम से रखी गई थी।
समाज के लोगों का कहना है कि वर्तमान मंदिर समाज की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे में मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास की आवश्यकता है, ताकि यहां धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में समाज के लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।
बचेली में नए मंदिर के लिए भूमि की भी मांग
अहिरवार समाज ने सांसद महेश कश्यप को दिए गए आवेदन में बचेली में संत शिरोमणि रविदास जी के नाम से नए मंदिर के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। समाज का कहना है कि बचेली में समाज की धार्मिक गतिविधियों के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध होने से पूजा-पाठ, सामाजिक कार्यक्रम और अन्य आयोजनों को व्यवस्थित रूप से किया जा सकेगा।
समाज की ओर से मंदिर के जीर्णोद्धार और नए मंदिर के लिए भूमि की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों से सकारात्मक पहल की उम्मीद जताई गई है। शनिवार को हुए कलश स्थापना कार्यक्रम के दौरान भी मंदिर के विकास और समाज की मांगों को लेकर चर्चा हुई।
अहिरवार समाज के लोगों का कहना है कि संत रविदास जी केवल एक धार्मिक व्यक्तित्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और मानवता का संदेश देने वाले संत थे। उनके विचारों को समाज की नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी समाज की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक स्तर पर भी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
कलश स्थापना कार्यक्रम में समाज के लोगों की अच्छी भागीदारी रही। पूजा-अर्चना के बाद उपस्थित लोगों ने संत रविदास जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त की तथा मंदिर के विकास एवं समाज की मांगों को आगे बढ़ाने की बात कही।
कार्यक्रम में ओजस्वी मंडावी, नंदलाल मुड़ामी, नगर पालिका अध्यक्ष राजू जायसवाल, संतोष गुप्ता सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं अहिरवार समाज के लोग मौजूद रहे। इस दौरान संत रविदास जी की पूजा-अर्चना की गई और समाज के लोगों ने धार्मिक आयोजन में भाग लेकर अपनी आस्था व्यक्त की।
वाराणसी से लाए गए कलश की स्थापना को लेकर समाज के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। समाज के लोगों ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी के विचार समाज को समानता, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश देते हैं। ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भी संत रविदास जी के विचारों और उनके योगदान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग
अहिरवार समाज द्वारा बचेली स्थित संत रविदास मंदिर के विकास को लेकर पहले भी पहल की गई है। समाज के लोगों ने सांसद महेश कश्यप को लिखित आवेदन सौंपकर वर्तमान मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग की थी। समाज की ओर से मंदिर परिसर के विकास एवं आवश्यक सुविधाओं को बेहतर करने की मांग आवेदन के माध्यम से रखी गई थी।
समाज के लोगों का कहना है कि वर्तमान मंदिर समाज की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे में मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास की आवश्यकता है, ताकि यहां धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में समाज के लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।
बचेली में नए मंदिर के लिए भूमि की भी मांग
अहिरवार समाज ने सांसद महेश कश्यप को दिए गए आवेदन में बचेली में संत शिरोमणि रविदास जी के नाम से नए मंदिर के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। समाज का कहना है कि बचेली में समाज की धार्मिक गतिविधियों के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध होने से पूजा-पाठ, सामाजिक कार्यक्रम और अन्य आयोजनों को व्यवस्थित रूप से किया जा सकेगा।
समाज की ओर से मंदिर के जीर्णोद्धार और नए मंदिर के लिए भूमि की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों से सकारात्मक पहल की उम्मीद जताई गई है। शनिवार को हुए कलश स्थापना कार्यक्रम के दौरान भी मंदिर के विकास और समाज की मांगों को लेकर चर्चा हुई।
अहिरवार समाज के लोगों का कहना है कि संत रविदास जी केवल एक धार्मिक व्यक्तित्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और मानवता का संदेश देने वाले संत थे। उनके विचारों को समाज की नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी समाज की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक स्तर पर भी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
कलश स्थापना कार्यक्रम में समाज के लोगों की अच्छी भागीदारी रही। पूजा-अर्चना के बाद उपस्थित लोगों ने संत रविदास जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त की तथा मंदिर के विकास एवं समाज की मांगों को आगे बढ़ाने की बात कही।