झीरम घाटी मामले में आदिवासियों को न्याय दिलाने भीम आर्मी ने निकाली संकल्प रैली
📅 09 Oct 2026, 02:46 PM
✍️ Admin
👁 8,557 Views
⏱️ 2 मिनट पठन
बस्तर केसरी:संतोष यादव
राष्ट्रपति के नाम सौंपा सात सूत्रीय ज्ञापन, 10 आदिवासियों की फांसी रोकने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
जगदलपुर। बहुजन नायक मान्यवर साहब कांशीराम जी के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन, जिला बस्तर द्वारा जगदलपुर में संकल्प रैली आयोजित की गई। रैली के माध्यम से झीरम घाटी घटना से जुड़े मामले में 10 आदिवासी व्यक्तियों को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई। इस दौरान महामहिम राष्ट्रपति के नाम सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
संगठन ने मांग की कि संबंधित 10 आदिवासियों की फांसी पर तत्काल रोक लगाई जाए और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही आत्मसमर्पण कर चुके प्रमुख आरोपियों की भूमिका की जांच तथा झीरम घाटी घटना के कथित षड्यंत्र की स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी रखी गई।
सात सूत्रीय मांगों के जरिए उठाई न्याय की आवाज
ज्ञापन में सजा की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय समीक्षा कराने, बस्तर की जेलों में बंद विचाराधीन आदिवासी बंदियों के मामलों की समयबद्ध समीक्षा कर न्यायसंगत कार्रवाई करने तथा एमबीएम से जुड़े बंदियों के मामलों की शीघ्र समीक्षा करने की मांग की गई। इसके अलावा संगठन ने बस्तर में शांति स्थापित करने के लिए न्याय, संवाद और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित नीति लागू करने की मांग भी उठाई।
भीम आर्मी ने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। संगठन ने न्याय की मांग को बुलंद करते हुए संविधान के दायरे में रहकर अपनी आवाज उठाने और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।
रैली के माध्यम से संगठन ने संबंधित मामले में निष्पक्ष जांच, न्यायपूर्ण कार्रवाई और बस्तर में स्थायी शांति स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जगदलपुर। बहुजन नायक मान्यवर साहब कांशीराम जी के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन, जिला बस्तर द्वारा जगदलपुर में संकल्प रैली आयोजित की गई। रैली के माध्यम से झीरम घाटी घटना से जुड़े मामले में 10 आदिवासी व्यक्तियों को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई। इस दौरान महामहिम राष्ट्रपति के नाम सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
संगठन ने मांग की कि संबंधित 10 आदिवासियों की फांसी पर तत्काल रोक लगाई जाए और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही आत्मसमर्पण कर चुके प्रमुख आरोपियों की भूमिका की जांच तथा झीरम घाटी घटना के कथित षड्यंत्र की स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी रखी गई।
सात सूत्रीय मांगों के जरिए उठाई न्याय की आवाज
ज्ञापन में सजा की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय समीक्षा कराने, बस्तर की जेलों में बंद विचाराधीन आदिवासी बंदियों के मामलों की समयबद्ध समीक्षा कर न्यायसंगत कार्रवाई करने तथा एमबीएम से जुड़े बंदियों के मामलों की शीघ्र समीक्षा करने की मांग की गई। इसके अलावा संगठन ने बस्तर में शांति स्थापित करने के लिए न्याय, संवाद और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित नीति लागू करने की मांग भी उठाई।
भीम आर्मी ने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। संगठन ने न्याय की मांग को बुलंद करते हुए संविधान के दायरे में रहकर अपनी आवाज उठाने और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।
रैली के माध्यम से संगठन ने संबंधित मामले में निष्पक्ष जांच, न्यायपूर्ण कार्रवाई और बस्तर में स्थायी शांति स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।